जबकि हिन्दू नाम के लोग "हैप्पी ईद" "हैप्पी मुहर्रम" इत्यादि जपते रहते है

शाहरुख़ खान, सलमान खान, आमिर खान और असंख्य खान इत्यादि 
आज पूरा देश मना रहा है जन्मष्टमी का त्यौहार पर तीनो खान ने अपने हिन्दू नाम वाले  प्रशंसको को जन्माष्टमी की कोई बधाई नहीं दी 
क्या इन तीनो को ये जानकारी नहीं है की आज जन्माष्टमी का त्यौहार है जो इस देश का मुख्य त्यौहार है 
वैसे हिन्दू नाम के लोग ईद मुबारक, बकरीद मुबारक, मुहर्रम मुबारक, रमजान मुबारक इत्यादि का जाप करते रहते है 
पर अपने मुस्लिम नाम वाले मित्रो से जन्माष्टमी, राम नवमी इत्यादि की बधाई कभी भी प्राप्त नहीं करते 
ये ही तो है सेकुलरिज्म और यही तो है एकमात्र कारण की भारत को तोड़ कर पाकिस्तान और बांग्लादेश खड़ा कर दिया गया 
यही सेकुलरिज्म तो कारण है की आज भारत के  कई हिस्सों में जिहादी तत्व फिर अपने पुरे रंग में है 
मुद्दा ये है की ताली एक हाथ से नहीं बजती तो फिर सेक्युलर हिन्दू नाम वाले लोग सेकुलरिज्म की ताली एक हाथ से बजाकर क्या साबित करना चाहते है 
स्वयं को बड़ा समझते है पर कड़वी सच्चाई ये है की दुनिया इनको मुर्ख समझती है जिनके देश को 30% जिहादी जनसँख्या के लोगों ने 3 टुकड़ो में तोड़ डाला 
शाहरुख़ खान, सलमान खान, आमिर खान टीवी पर आकर कितनी बड़ी बड़ी बाते करते है बुद्धिजीवी बनते है 
पर जन्माष्टमी पर इनके द्वारा 1 शब्द नहीं निकलता 
भारत के बेशर्म सेक्युलर हिन्दू नाम वाले लोगों को सोचना चाहिए की उनके ये स्टार इतने महान और सेक्युलर है तो 
ईद पर दिल खोलकर बधाई देते है पर जन्माष्टमी, रामनवमी इत्यादि पर क्यों नहीं,
साथ ही सेक्युलर हिन्दू नाम वाले लोगों को ये भी देखना चाहिए की उनके मुस्लिम मित्र जन्माष्टमी पर बधाई क्यों नहीं देते 
एक तरफ़ा सेकुलरिज्म निभाने में शर्म आनी चाहिए