1 जनवरी यानि इसाई नया साल असल में है, ईसाई पैगम्बर जीजस क्राइस्ट का खतना दिवस



1 जनवरी को भारत के हिन्दू भी अन्धविश्वास में नया साल मनाते है 
उनको बहुत सारी चीजों की बिलकुल भी जानकारी नहीं है, 1 जनवरी असल में है क्या, और इसके क्या मायने है 

आपको 1 जनवरी को नया साल मनाना है या नहीं, ये तो आप स्वयं तय करे 
परंतु तथ्यों की जानकारी अपने पास जरूर रखें 

1 जनवरी असल में ईसाईयों द्वारा मनाया जाने वाला नया साल है, ये भारतीय नहीं बल्कि ईसाई नव वर्ष है 
भारतियों का नया साल ईसाई कलैंडर के हिसाब से अप्रैल में आता है 

अब 1 जनवरी को आखिर हुआ क्या था 

आपने जीजस का नाम सुना होगा, ईसाईयों का पैगम्बर, जिसे ईसाई भगवान का पुत्र कहते है 
जीजस का जन्म 25 दिसम्बर को आज के इजराइल के जेरुसलम के पास हुआ था

जीजस जन्म से ईसाई नहीं था, क्योंकि जीजस के जन्म से पहले ईसाइयत थी ही नहीं, न ही जीजस की माँ ईसाई थे, जीजस जन्म से यहूदी था जिसे “जीऊ” भी अंग्रेजी में कहते है 


और जीजस के जन्म के 8 दिन बाद यानि 25 दिसम्बर के 8 दिन बाद यानि 1 जनवरी को जीजस का खतना किया गया था वो भी यहूदी रीति रिवाज से 

और उसके बाद जीजस ने नए मजहब का निर्माण किया, फिर रोमन एम्पायर में ईसाइयत फैली फिर ईसाइयत एक मजहब बन गया
1 जनवरी कोई नया साल नहीं, बल्कि जीजस का खतना दिवस है और अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया भी पढ़ सकते है