जन्मदिवस महात्मा नाथूराम गोडसे का, न होते नाथूराम तो आज देश होता कई टुकड़ों में, ले उनसे प्रेरणा

आज 19 मई का दिन है, आज इतिहास में एक ऐसे महापुरुष का जन्म हुआ था जो राष्ट्रभक्ति, देशभक्ति की निशानी हैं, हम उनमे महात्मा नाथूराम गोडसे के नाम से भी जानते है

आज ही के दिन 19 मई 1910 में पुणे  में हुआ था, वो एक अच्छे खासे घर से ताल्लुक रखते थे, वो चाहते तो आराम का जीवन जी सकते है पर उनकी रगों में ही देशभक्ति दौड़ती थी

महात्मा नाथूराम गोडसे ने देश के लिए अपना बलिदान दे दिया, आज़ादी का जब समय आया तो गाँधी नेहरु जिन्नाह ने मिलकर देश के टुकड़े टुकड़े कर दिए, गाँधी इतने से ही नहीं माना, पाकिस्तान को 65 करोड़ रुपए भी दे दिए

जब इतने से भी जी नहीं भरा तो गाँधी ने पाकिस्तान बनने के बाद पाकिस्तान जाने का फैसला किया और वो इसलिए ताकि पश्चिमी पाकिस्तान से लेकर पूर्वी पाकिस्तान तक जाने के लिए भारत के बीचों बीच 20 किलोमीटर चौड़ा और पश्चिमी पाकिस्तान से लेकर पूर्वी पाकिस्तान तक एक रास्ता बनाया जाये, अगर गाँधी पाकिस्तान चला जाता तो देश का नक्षा कुछ ऐसा होता

लाहौर से लेकर ढाका तक सड़क बनाई जाती जो पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, बंगाल के रास्ते गुजरती, ये 20 किलोमीटर चौड़ा रास्ता होता, और इसके आसपास सिर्फ मुस्लिम बस्तियां बसाने का प्लान था, देश के टुकड़े टुकड़े करने के बाद गाँधी इस काम के लिए पाकिस्तान जा रहा था

महात्मा नाथूराम गोडसे जैसे राष्ट्रभक्त तो पहले से ही देश के बंटवारे से आक्रोशित थे, जब महात्मा नाथूराम गोडसे को इस बात की जानकारी हुई की गाँधी अब नया काण्ड करने पाकिस्तान जा रहा है तब महात्मा नाथूराम गोडसे से रहा नहीं गया

वो महाराष्ट्र से दिल्ली आये, और गाँधी का वध किया, और भागे नहीं बल्कि गिरफ़्तारी दी, और अंत समय तक वन्दे मातरम के नारे लगाते हुए देश को बचाने में अपना बलिदान दे दिया

महात्मा नाथूराम गोडसे इतने महान देशभक्त थे की आज भी उनकी अस्थियों का विसर्जन नहीं हुआ है, उन्होंने अपने परिजनों से कहा था की जबतक सिन्धु नदी फिर से भारत के झंडे के नीचे न बहने लगे तब तक मेरा अस्थि विसर्जन मत करना, महात्मा नाथूराम गोडसे की अस्थियाँ आज भी उनके परिजनों के पास रखी हुई है

महात्मा नाथूराम गोडसे के बलिदान के कारण ही देश बच सका, अन्यथा वो 20 किलोमीटर चौड़ी सड़क बनती जिसके आसपास सिर्फ मुस्लिमो को ही रहना था तो आप अंदाजा नहीं लगा सकते की भारत का क्या हाल होता आज, अपना बलिदान देकर देश बचा गए महात्मा नाथूराम गोडसे

महात्मा नाथूराम गोडसे का आज जन्मदिवस है और इस दिवस को हम याद कर देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा महात्मा नाथूराम गोडसे से ले सकते है, देश भक्त कैसा हो महात्मा नाथूराम गोडसे जैसा हो, वन्दे मातरम