वामपंथी मीडिया नहीं दिखाएगी, बाढ़ में खुद त्रिपुरा CM लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए पैदल घूम रहे

त्रिपुरा में दशको तक वामपंथियों की सरकार थी, त्रिपुरा कभी खबर में ही नहीं आता था, पर जब से बीजेपी की सरकार त्रिपुरा में बनी, और बीजेपी ने वामपंथियों को त्रिपुरा से उखाड़ फेंका, तभी से त्रिपुरा रोजाना खबरों में रहता है

वामपंथी मीडिया त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बिप्लब देब पर रोजाना ही निशाना साधती है, उनकी आलोचना करती है, और ये काम वामपंथी मीडिया नियमित रूप से करती है, इसके कई कारण भी है, चूँकि बिप्लब देब वामपंथियों के भ्रष्टाचार की फाइल सीबीआई को सौंप रहे है, वामपंथियों के अवैध दफ्तरों से सरकारी भूमि को आजाद करवा रहे है, लेनिन और कार्ल मार्क्स की जगह विवेकानंद और सुभाष चन्द्र बोस स्कुल की किताबों में लिखे जा रहे है

और इतने साल से वामपंथी आतंकी जो त्रिपुरा में मचा हुआ था उसे ख़त्म कर रहे है और ये मुख्य कारण है की वामपंथी मीडिया के निशाने पर बिप्लब देव रोजाना ही रहते है, पर त्रिपुरा में बिप्लब देब क्या काम कर रहे है वामपंथी मीडिया इसकी चर्चा नहीं करती

त्रिपुरा के कई इलाकों में अभी बाढ़ आई हुई है, तूफ़ान और बाढ़ से त्रिपुरा में भी कुछ इलाकों में तबाही मची है, और त्रिपुरा के जो मुख्यमंत्री है वो अफसरों, राहत कर्मचारियों के साथ घर घर घूम रहे है, पानी हो कीचड हो खुद मुख्यमंत्री लोगों तक जाकर रहत सामग्री पहुंचा रहे है, और इस बात को भी देख रहे है की सरकारी कर्मचारी सही काम कर रहे है या नहीं

पर दिन रात बिप्लब देब की आलोचना की खबरें दिखाने वाली वामपंथी मीडिया आपको नहीं दिखाएगी की वो किस प्रकार आम लोगों के बीच पानी और कीचड में घूम घूम कर काम कर रहे है, लोगों तक खाना पहुँच रहा है या नहीं ये मुख्यमंत्री दफ्तर में बैठकर नहीं बल्कि लोगों के बीच जाकर जान रहे है मुख्यमंत्री

पर मीडिया इस मुख्यमंत्री के पॉजिटिव काम को थोड़ी दिखाएगी, मीडिया तो बस इनके बयान को को ट्विस्ट कर एजेंडा ही चलाएगी