वजुभाई वाला उस समय गुजरात स्टेट यूनिट के हेड थे, बीजेपी के 2 टुकड़े करवाए थे PM देवेगौडा ने

कर्म का फल मृत्यु के बाद ही मिले ऐसा जरुरी नहीं है, कर्मो का फल इसी जीवन में भी मिलता है और ज्यादातर लोगों को उनके कर्मो का फल इसी जीवन में मिल जाता है, और देवेगौडा और उनके बेटे को भी उनके कर्मो का फल मिल रहा है

कांग्रेस को जनता ने सत्ता से बाहर करने के मकसद से बीजेपी और जेडीएस को वोट दिया, पर बाद में कांग्रेस जेडीएस से मिलकर सत्ता प्राप्त करने में लग गयी, देवेगौडा के बेटे को मुख्यमंत्री पद मिलने लगा, पर कर्म ने देवेगौडा को फल दे ही दिया और उनका बेटा मुख्यमंत्री बंटे बंटे ही रह गए, और येदीयुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली

देवगौड़ा इस देश के PM थे, बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने 46 सीट वाली जनता दल को प्रधानमंत्री पद दे दिया था और प्रधानमंत्री बने थे देवेगौडा, साल था 1995 का, गुजरात में जनता ने बीजेपी की सरकार बनाई थी और सुरेश मेहता गुजरात के मुख्यमंत्री थे, विपक्ष में कांग्रेस थी

पर शंकरसिंह वाघेला जो बीजेपी के नेता थे वो बगावती हो गए, फिर गुजरात में कांग्रेस के करीबी राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति शासन लगा दिया, फिर साल आ गया 1996 का, और देश के प्रधानमंत्री बन गए देवेगौडा, वो भी कांग्रेस और अन्य दलों के सहयोग से

यहाँ गुजरात में बीजेपी स्टेट यूनाट के हेड कोई और नहीं बल्कि वजुभाई वाला ही थे, जो आज कर्णाटक के राज्यपाल हैं, कांग्रेस 1996 में बीजेपी के टुकड़े करने में लग गयी और केंद्र में प्रधानमंत्री थे देवेगौडा

देवेगौडा ने कांग्रेस के कहने पर शंकर सिंह वाघेला को सहयोग दिया और वाघेला ने बीजेपी के कई विधायको को तोड़ दिया, और अपना एक अलग दल बना लिया, और कांग्रेस ने वाघेला ग्रुप को अपना समर्थन दे दिया और वाघेला मुख्यमंत्री बन गए, कांग्रेस ने बीजेपी को तोड़कर सत्ता हांसिल की और वाघेला 1 साल तक मुख्यमंत्री रहे

बीजेपी के जब टुकड़े किये गए थे तब वाघेला के ग्रुप को प्रधानमंत्री देवेगौडा ने समर्थन दिया था, और जिस बीजेपी को देवेगौडा ने गुजरात में तोडा था उसके हेड थे वजुभाई वाला, बाद में वाघेला की भी सत्ता चली गयी और देवेगौडा की भी

और आज वही वजुभाई वाला कर्णाटक में राज्यपाल है, और आज कर्म ने ऐसा चक्र चलाया की देवेगौडा के बेटे मुख्यमंत्री बनते बनते रह गए, और अब कांग्रेस और जेडीएस दोनों के विधायक बीजेपी के संपर्क में है और जिस प्रकार से बीजेपी आत्मविश्वास में नजर आ रही है साफ़ हो रहा है की कांग्रेस और जेडीएस दोनों के विधायक टूट रहे है