लोकतंत्र जिन्दा कहा है, उसकी हत्या उसी दिन हो गयी थी जब पटेल की जगह नेहरु को बना दिया था PM

कर्णाटक में बीजेपी ने सरकार बना ली है, वैसे आपको बता दें की कर्णाटक की जनता ने बीजेपी और जेडीएस को जो वोट दिए है वो कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखने के लिए दिए है, कांग्रेस पहले अकेले पूर्ण बहुमत से सत्ता में थी उसके पास 122 सीट थे

पर जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के लिए वोट दिया, ज्यादातर लोगों ने बीजेपी को दिया तो बाकि ने जेडीएस को, पर जनता कांग्रेस को सत्ता से बाहर ही करने के लिए वोट देने पहुंची थी, पर कांग्रेस पिछले दरवाजे से सत्ता प्राप्त कर लेना चाहती थी

और जिस जेडीएस ने कांग्रेस को गाली देकर मैसूर इलाके में 38 सीट पाई वो सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ ही हो ली, पर आख़िरकार बीजेपी ने वहां पर सरकार बना ली और अब येदीयुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली

अब कांग्रेस के सभी नेता एक सुर में ये कह रहे है की बीजेपी ने लोकतंत्र की धज्जियाँ उड़ा दी, बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी, संविधान की हत्या हो गयी, ये भैया लोकतंत्र आखिर कितनी बार मरेगा ?

जिसकी हत्या हो जाती है वो पुनः जीवित थोड़ी रहता है, और लोकतंत्र की हत्या तो 1947 में ही की जा चुकी है और कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या की जिसका नुक्सान देश को आज भी उठाना पड़ता है

1947 में जब इस देश के PM को चुना जाना था तो डायरेक्ट जनता चुनाव मैदान में नहीं थी, कांग्रेस को अंग्रेजो ने सत्ता सौंपी, कांग्रेस के भीतर से PM चुना जाना था, तब दिल्ली में कांग्रेस की अधिकारिक वोर्किंग कमिटी के 14 मेम्बर PM चुनने के लिए बैठे, पटेल और नेहरु दोनों प्रत्याशी थे

फिर मामला 14 लोगों की वोटिंग पर आ गया, और वोटिंग हुई जिसमे से 13 वोट पटेल के पक्ष में और मात्र 1 वोट नेहरु के पक्ष में पड़ा, और नेहरु के पक्ष में जो वोट पड़ा वो भी खुद नेहरु का ही वोट था, उसने खुद को वोट दिया, लोकतंत्र के हिसाब से 13 बनाम 1 यानि पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनना था, पटेल जीते थे, पर हम सभी जानते है की देश का प्रधानमंत्री कौन बना

नेहरु और गाँधी दोनों ने मिलकर 1947 में ही लोकतंत्र की बर्बर हत्या की, पटेल का हक़ मारा, और नेहरु को प्रधानमंत्री बना दिया गया जिसका नुक्सान देश कई मामलों में आज भी उठा रहा है, आज कांग्रेस किस मुह से कह रही है की लोकतंत्र की हत्या बीजेपी ने कर्णाटक में कर दी, इस लोकतंत्र की हत्या तो 1947 में ही कांग्रेस कर चुकी है