लिंगायतों को तोड़ने के लिए दिया था मेमोरंडम, अपनी ही सीट नहीं बचा पाए बसवराज रायरेड्डी

ये जिस शख्स की तस्वीर आप देख रहे है कदाचित आप इनको शक्ल से पहचानते नहीं होंगे, पर आपको बता दें की ये वरिष्ट कांग्रेस नेता है और सिद्धारमैया सरकार में ये शिक्षा मंत्री थे

लिंगायतों को अलग धर्म घोषित करने का जो मेमोरंडम था उसे भी इन्होने ही बनाया था और अपने साथ कई कथित धर्मगुरुओं को लेकर लिंगाताओं को अलग धर्म बनाने का मेमोरंडम भी इन्होने ही कोर्ट में दाखिल किया था

कर्णाटक में चुनाव हुए और बसवराज रायरेड्डी ने भी चुनाव लड़ा, उन्होंने कर्णाटक की येल्बुर्गा सीट से चुनाव लड़ा, ये एक लिंगायत बहुल सीट है और आज लिंगायतों ने कांग्रेस के इस मंत्री का क्या हाल किया वो भी देखने लायक है

 


महाशय अपनी सीट को बहुत बड़े अंतर से हारे, जनता ने इन्हें 15 हज़ार वोटों के अंतर से हरा दिया, और बीजेपी के प्रत्याशी को जनता ने इस सीट से हरा दिया, लिंगाताओं को तोड़ने का प्लान इन्होने ही बनाया और अब लिंगाताओं ने ही इनके राजीतिक करियर को लगभग समाप्त कर दिया

जनता ने आज कांग्रेस को हराकर बता दिया की वो बंटवारे के खिलाफ है और समाज एकजुट है और जो उसे बांटने की कोशिश करेगा, जनता उसे समाप्त कर देगी