महबूबा जी, अमरनाथ यात्रा के दौरान टेररिस्ट तीर्थ यात्रियों पर रहम करते है क्या ….

मेह्बुआ मुफ़्ती भारत के एक राज्य की मुख्यमंत्री है या आतंकियों की प्रवक्ता ये समझना मुश्किल है, वैसे सेना पिछले 2 सालों से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन आल आउट चला रही है, और अब तो हाल ये है की कोई हिजबुल का कमांडर बन्ने को तैयार नहीं है , 400 से ज्यादा आतंकियों को सेना ठोक चुकी है और ये काम जारी है

अक्सर कहा जाता है की आतंक का मजहब नहीं होता, पर पिछले दिनों महबूबा मुफ़्ती ने कहा की – रमजान का महिना आने वाला है इसलिए केंद्र सरकार आतंकियों से सीज फायर कर ले, आतंकी आतंकी आराम से अपना रमजान मनाये, सेना अपनी कार्यवाही रोक दे तो आतंकी अपनी गोला बारूद की सप्लाई को भी ठीक कर ले

आतंकियों के लिए रहम (सीज फाय) की मांग मेह्बुमा मुफ़्ती कर रही है, इनके मुख्यमंत्री रहते इनके ही राज्य में अमरनाथ के तीर्थ यात्रियों पर आतंकियों ने पिछले साल हमले किये, इस से पहले भी अमरनाथ, वैष्णो देवी के यात्रियों पर हमले होते रहे है

मेह्बुमा मुफ़्ती ने कभी आतंकियों से ये नहीं कहा की वो कम से कम अमरनाथ यात्रियों पर तो हमले न किया करें, कभी महबूबा मुफ़्ती ने आतंकियों से अमरनाथ यात्रियों पर रहम दिखाने की मांग नहीं की, पर ये मैडम चाहती है की रमजान के लिए आतंकियों पर रहम दिखाई जाये

जब आतंकी अमरनाथ यात्रियों पर रहम नहीं करते उनपर हमले करते है, तो आतंकियों पर रहम सेना क्यों करे, और सेना से आतंकियों पर रहम दिखाने की मांग करने वाली महबूबा, आतंकियों से आतंकवाद छोड़ने और अमरनाथ यात्रियों पर रहम दिखाने की मांग क्यों नहीं करती, अगर आतंकी रहम नहीं दिखाते तो उनपर हमारी सेना रहम नहीं दिखाएगी, और मोदी सरकार के दौरान तो बिलकुल भी नहीं और इस बात को जनरल रावत और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण दोनों ने साफ़ कर दिया

मेह्बुमा मुफ़्ती आप आतंकियों के लिए रहम मांगने का कार्य मत करो, आतंकियों से मांग करो की वो आतंकवाद का रास्ता छोड़ आतंकी से इन्सान बन जाये