भगत सिंह को नहीं दिया जा सकता शहीद का दर्जा : कांग्रेस सरकार पंजाब

आपको ध्यान होगा इस देश के इतिहासकारों ने भगत सिंह को एक आतंकवादी भी बताया था और उनकी किताबों को छात्रों के सामने भी पेश कर दिया गया था, वो काल था कांग्रेस सरकार का

और अब कांग्रेस की पंजाब सरकार ने भगत सिंह और कई अन्य क्रांतिकारियों और अमर बलिदानियों को शहीद का दर्जा देने से इंकार कर दिया है

समझना मुश्किल है की आखिर कांग्रेस पार्टी को देश के लिए बलिदान देने वालो से समस्या क्या है, वैसे ये एक ऐतहासिक तथ्य है की गाँधी और नेहरु ने कभी देश के क्रांतिकारियों और बलिदानियों का सम्मान नहीं किया, भगत सिंह को फांसी हो अंग्रेजो से ज्यादा जल्दी मोहनदास गाँधी को थी

जबकि सुभाष चन्द्र बोस को नेहरु ने तो युद्ध अपराधी बता दिया था और उनको पकड़कर फांसी देने की भी मांग कर डाली थी, कांग्रेस पार्टी अमर बलिदानियों से नफरत करती ही आई है चूँकि कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती की उसके अलावा इस देश में किसी की भी लोकप्रियता बढे

 


पंजाब सरकार का कहना है की वो भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु जैसे अमर बलिदानियों को शाहिद का दर्जा नहीं दे सकती, अब ये समझना मुश्किल है की कांग्रेस को इस से आपत्ति क्या है

क्या अंग्रेज नाराज हो जायेंगे अगर अमर बलिदानियों को शहीद का दर्जा दिया गया तो, आज भी कांग्रेस भगत सिंह और अनेक अमर बलिदानियों के प्रति अपनी नफरत का परिचय देती ही रहती है और पंजाब की सत्ता में आकर कांग्रेस सरकार ने फिर एक बार साबित कर दिया है की उसके मन में बलिदानियों के प्रति कितनी घृणा है

ये पार्टी अमर बलिदानियों को शहीद का दर्जा नहीं दे सकती, आंबेडकर और पटेल जैसों को भारत रत्न नहीं दे सकती, ये पार्टी केवल गाँधी नेहरु को ही सम्मान दे सकती है बाकि सबको ये आतंकी तक घोषित कर सकती है चाहे वो भगत सिंह हो या देश की हिन्दू जनता हो