पेट्रोल पर हर साल साढ़े 4 गुना ज्यादा लुट मचाती थी राहुल गाँधी की सरकार, वो न दें पेट्रोल पर ज्ञान

राहुल गाँधी की पार्टी कांग्रेस और उसके समर्थक आजकल देश को महंगा पेट्रोल है, महंगा पेट्रोल है बता रहे है, वैसे देश को ये पहले से पता है की पेट्रोल महंगा है

पर जब राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी पेट्रोल पर ज्ञान बाँटती है, तो याद करना जरुरी है की राहुल गाँधी की जब सरकार बनी थी तब उनका पेट्रोल पर क्या रिकॉर्ड रहा था

महंगाई तो हर साल बढती है, और ये एक तथ्य है, ये बात भी सही है की हर साल लोगों की आय भी बढती है, पेट्रोल पर अगर आम लोग सरकार की आलोचना करे तो समझ में आता है पर राहुल गाँधी और कांग्रेस पेट्रोल पर सरकार की आलोचना करे तो फिर कांग्रेस का रिकॉर्ड देखना भी बनता है

साल था 2004 का जब अटल बिहारी वाजपेयी से सोनिया गाँधी/राहुल गाँधी को सत्ता मिली थी, तब 2004 में देश में पेट्रोल का दाम औसतन 29 रुपए प्रति लीटर था, फिर साल 2009 आ गया पेट्रोल का दाम 29 रुपए से 51 रुपए हो गया, यानि 5 साल में लगभग 2 गुना ज्यादा

और जब साल 2014 आया तो अप्रैल महीने में भारत में औसतन पेट्रोल का दाम 74 रुपए प्रति लीटर था, यानि कांग्रेस के 10 साल के राज में पेट्रोल 29 रुपए से 74 रुपए पर आ गया, यानि कुल 45 रुपए की बढ़ोतरी, 10 साल में 45 रुपए की बढ़ोतरी यानि हर साल कांग्रेस पेट्रोल के दाम 4 रुपए 50 पैसे के हिसाब से बढ़ाती थी

मोदी को फिर सत्ता मिली तब औसतन पेट्रोल का दाम देश में 74 रुपया था साल था 2014, आज साल है 2018 वर्तमान में पेट्रोल भारत में औसतन 78 रुपए का मिल रहा है, यानि मोदी के 4 साल में पेट्रोल 4 रुपए महंगा हुआ है, 74 से 78 हो गया है यानि हर साल औसतन 1 रुपए की बढ़ोतरी

राहुल राज में पेट्रोल हर साल औसतन 4.5 रुपए प्रति लीटर बढ़ता था, जबकि मोदी राज में 1 रुपए प्रति लीटर, पेट्रोल महंगा है ठीक बात है और जनता पेट्रोल की महंगाई से परेशान है, पर कांग्रेस पार्टी को पेट्रोल पर ज्ञान नहीं देना चाहिए