जाँच से खुलासा : सितम्बर 2017 में PM मोदी की काशी यात्रा के दौरान संजय सिंह और AISA ने करवाई थी हिंसा

पिछले साल सितम्बर के महीने में प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी का दौरा किया था उस दौरान यूनिवर्सिटी में हिंसा करवाई गयी थी, यूनिवर्सिटी को बदनाम करने की योजना थी और ये भी बताया जा रहा था की छात्र मोदी और योगी से परेशान है और अब आन्दोलन पर उतर आये है

असल ये ये पूरा कार्यक्रम प्रायोजित था, हिंसा की गयी थी जिसकी जांच के लिए इलाहबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दीक्षित की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई गयी थी, जस्टिस दीक्षित ने अपनी जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किये है, उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस हिंसा को सोची समझी साजिश घोषित किया है

रिपोर्ट के अनुसार छात्रों को भड़काने में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, आइसा नेता सुनील यादव और जेएनयू के पूर्व छात्र मृत्युंजय सिंह शामिल थे, इसके अलावा अगर हिंसा ज्यादा हुई होती, तो नक्सली हमले की भी योजना थी, और यूनिवर्सिटी में हिंसा करवाने के पीछे यूनिवर्सिटी को बदनाम करना, प्रधानमंत्री मोदी और योगी को छात्र विरोधी बताना मकसद था

संजय सिंह और प्रशांत भूषण जैसे नेता ट्विटर पर लखीमपुर खीरी की पीड़िता युवती को बीएचयू कांड से जोड़कर अफवाह फैलाते हुए पाए गए थे. ये लोग छात्रों को भड़काने की प्लानिंग पर काम कर रहे थे, हिंसा अधिक होती तो ये लोग अपने नक्सली छात्रों के बीच घुसा देते और बड़े पैमाने पर हमले किये जाते और बनारस को जलाया जाता

जस्टिस दीक्षित की इस रिपोर्ट के बाद देखना ये है की उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले में अब क्या कार्यवाही करती है, कहा जा रहा है की इस रिपोर्ट के बाद संजय सिंह जो की अब राज्यसभा के सांसद भी है उनकी गिरफ़्तारी भी की जा सकती है