चाणक्य ने भी कहा था जब सब लुटेरे मतभेद भुलाकर एक साथ आ जाये तो समझो शासक अच्छा है

आज चोरो की टोली एकजुट हुई है, ढाई हज़ार साल पहले भारत कई खण्डों में बंटा हुआ था, चाणक्य और चन्द्रगुप्त ने भारत को 1 राष्ट्र बनाया, असल में अगर आप किसी को राष्ट्रपिता कहना ही चाहते है तो विष्णुगुप्त चाणक्य और चन्द्रगुप्त मौर्य को कह सकते है

चाणक्य जो की महाज्ञानी थे, आज से ढाई हज़ार साल पहले ही उन्होंने एक बात कही थी , उन्होंने कहा था की जब भी सभी चोर लुटेरे आपस के मतभेद भुलाकर एकजुट हो जाये तो समझ लेना चाहिए की देश का शासक अच्छा है

और अच्छा शासक चोर लुटेरों को ख़त्म कर रहा है, और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए सभी चोर लुटेरे एक साथ हो जाते है, आज चाणक्य की कही हुई बात सटीक साबित होती प्रतीत होती है और इस बात को वकील अश्विनी उपाध्याय ने भी अपनी भाषा में कहा

आज कर्नाटका में देश के अलग अलग नेता मिले, इनमे मायावती जैसी जातिवादी नेता, अखिलेश यादव जैसे जातिवादी और तुष्टिकरण वाले नेता, परिवारवादी तेजस्वी यादव, परिवारवादी और तुष्टिकरण वाले अजित सिंह, हिन्दू मंदिरों में लुट मचाने वाले चंद्रबाबू नायडू, परिवारवादी और महाभ्रष्ट्र शरद यादव जैसे नेता शामिल थे

इनमे से अधिकतर भ्रष्ट्र है, परिवारवादी है, और अपराधिक भी है, कई माफिया है, कई हवाला कारोबारी है, कई वहशी है, और राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी तो खुद बड़े लुट के मामले में जमानत पर है, इनका दामाद बड़े लुट के मामलों का आरोपी है

ऐसे लोग एकजुट हुए है, किसके खिलाफ – ये सब एकजुट हुए है मोदी के खिलाफ और, जब ऐसे ऐसे लोग जिनकी राजनीती ख़त्म होने के कगार पर है, ये जातिवाद की पहचान, परिवारवाद की पहचान, भ्रष्टाचार, लुट की पहचान वाले लोग जब एकजुट हो, तो ये समझ लेना चाहिए की वर्तमान शासक अच्छा है और तभी चोरो की टोली में हाहाकार मचा हुआ है और ये सब आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट है

कल तक एक दुसरे को गाली देने वाले लोग एकजुट है, एक पुरानी कहावत है चोर चोर मौसेरे भाई, और चाणक्य की बात और ये पुरानी कहावत आज बिलकुल सटीक बैठ रही है