क्या मास्टर स्ट्रोक चला, गटबंधन कर चुनाव तो तब लडेगा विपक्ष, जब उसके नेता होंगे जेल से बाहर

कर्नाटक में जब नतीजे आ गए, तभी ये स्ट्रोक बीजेपी ने चल दिया, जान बुझकर येदीयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई गयी ये जानते हुए भी की बहुमत नहीं है, और बीजेपी ने विपक्ष ने विधायको को तोड़ने की भी कोशिश नहीं की, जबकि जिसके पास केंद्र सरकार है वो क्या नहीं कर सकते

बीजेपी ने ऐसा मास्टर स्ट्रोक खेला है जिसे समझने पर आपका सर चकरा सकता है, और बीजेपी ने ये सारी प्लानिंग कर्णाटक के चुनाव में बहुमत न मिलने की सूरत में किया और प्लानिंग को अंजाम दिया

कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट गयी, और सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की याचिका को स्वीकार कर रात को सुनवाई की, फिर सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की बात मानते हुए राज्यपाल के 15 दिन के निर्णय को बदलकर कर्णाटक में बहुमत परिक्षण का आदेश दे दिया

आपको लगता है ये सब अपने आप हो रहा है ! फिर आप आज सुब्रमण्यम स्वामी के इस त्वीट पर नजर डालिए

 


डॉ स्वामी ने घोटाले केस में सोनिया गाँधी और उनके बेटे राहुल गाँधी को तिहाड़ भेजने की बात आज त्वीट के जरिये कही, इसके साथ साथ स्वामी ने चिदंबरम और उनके बेटे कारती को भी घोटाले के मामले में जेल में भेजने की बात कही, और कहा की कोर्ट के जरिये जल्दी ये जेल में होंगे

कर्णाटक के एपिसोड में जो कुछ भी हुआ उसके पीछे बहुत बड़ी रणनीति है, 2 चीजें आप नोट कर लीजिये

  • अब कांग्रेस पार्टी EVM पर सवाल नहीं उठा सकती, अगर उठाएगी तो कोई भरोसा नहीं करने वाला, सभी सिर्फ हँसेंगे
  • और इस से ज्यादा जरुरी चीज, कांग्रेस अब देश की अदालतों पर भी, जजों पर भी कोई सवाल नहीं उठा सकती

सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और कार्ति चिदंबरम तीनो जमानत पर बाहर चल रहे है, इनकी जमानत को कोई कोर्ट कब रद्द कर दे और इन्हें जेल जाना पड़े ये कोई नहीं कह सकता, और वहीँ चिदंबरम के खिलाफ भी मामले चल रहे है, रोबर्ट वाड्रा के खिलाफ भी मामले चल रहे है

देश का पूरा विपक्ष गटबंधन करने में लगा है, पर बिना कांग्रेस पार्टी को बीच में रखे गटबंधन हो ही नहीं सकता, और विपक्ष गटबंधन करने चुनाव तो तब लडेगा न जब के नेता राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी, चिदंबरम, कारती चिदंबरम, और रोबर्ट वाड्रा जैसे लोग बाहर होंगे, और अब कांग्रेस पार्टी जजों और अदालतों पर सवाल भी नहीं उठा सकती

कदाचित अमित शाह के मास्टर स्ट्रोक को कांग्रेस के नेता नहीं समझ पाए है पर भारत की राजनीती पर दृष्टि रखने वाली एक अमेरिकी जानकर इस चीज को समझ गयी है


कांग्रेस न EVM पर अब सवाल उठा सकती है और न ही कांग्रेस अब अदालत और जजों पर सवाल उठा सकती है, और अमित शाह का जो मास्टर स्ट्रोक है उसमे कांग्रेस फंस गयी है, और पूरा विपक्ष चित्त करने वाला है ये मास्टर स्ट्रोक क्यूंकि विपक्ष गटबंधन करके चुनाव तो तब लडेगा न जब कांग्रेस के नेता बाहर होंगे