50 हज़ार करोड़ की चल अचल नामी बेनामी संपत्ति,पर अब बन रहे है पिछड़ा और गरीब नेता

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव का घर नहीं है, ये कहना है अखिलेश यादव का, उनके पास घर नहीं है, और अभी 2 साल उन्हें सरकारी बंगले में और रहना है

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया की पूर्व मुख्यमंत्रीयों को घर खाली करने होंगे,  योगी सरकार ने नोटिस भेज दिया तो कुछ नेताओं ने तो घर खाली कर दिया और कुछ खाली कर रहे है, जैसे राजनाथ सिंह ने खाली कर दिया और कल्यान सिंह खाली कर रहे है

पर 2 ऐसे नेता भी है जो सरकारी बंगले को अपनी संपत्ति माने बैठे थे वो है अखिलेश यादव और मायावती, दोनों सरकारी बंगले को खाली नहीं करना चाहते, मायावती ने तो बंगले को कांशीराम की यादगार स्थली घोषित कर दिया

वहीँ अखिलेश यादव का कहना है की अबतक वो अपने लिए घर नहीं बना सके है और इसलिए उन्हें 2 साल और बंगले में रहने दिया जाये, अखिलेश यादव इस तरह बोल रहे थे जैसे वो एक बहुत ही पिछड़े व्यक्ति हो बेहद गरीब

वैसे आपको भी जानना चाहिए की इस गरीब समाजवादी नेता के पास और सरकारी बंगले को विश्राम स्थली घोषित करने वाली मायावती के पास संपत्ति कितनी है

 


अखिलेश यादव जो कह रहे है की अबतक वो अपने लिए एक घर भी नहीं बना सके है, उनके पास चल अचल नामी बनामी 50 हज़ार करोड़ रुपए की संपत्ति है वहीँ मायावती के पास 25 हज़ार करोड़ की संपत्ति

इनकी संपत्तियां न केवल भारत के अन्दर है बल्कि विदेश के देशों में भी है, बड़े बड़े फार्म हाउस भी इनके पास है, अखिलेश यादव का छोटा भाई प्रतिक यादव 5 करोड़ रुपए की कार से चलता है

और महाशय सरकारी बंगले पर कब्ज़ा जमाये बैठे है और खाली करने को कहा गया तो कह रहे है की गरीब हूँ अबतक घर भी नहीं बना पाया हूँ

असल में मायावती और अखिलेश जैसे लोगों ने सरकारी बंगले को ही अपनी जीवन भर की संपत्ति समझकर रखा था, और उसमे ही इन्होने करोडो रुपए खर्च किये थे, अब सरकारी बंगले के साथ ये जो करोडो का खर्च इन्होने खुद किया है वो भी छोड़ना पड़ेगा जो इनसे छुट नहीं रहा

एक दलित कार्ड खेल रही है और दूसरा गरीब कार्ड, पर दोनों के दोनों अरबपति है